काश

 


काश, कि मेरे भीतर का प्रकाश जगे और मेरी आत्मा को झकझोर दे,

कि मेरे हर धड़कते दिल में नई उम्मीदें जागरूक हो जाएं,

मैं अपने भय, संकोच और अविश्वास की दीवारें तोड़ सकूँ,

और अपने सपनों की ऊंचाइयों को छूने का साहस पा सकूँ।  


काश, कि मैं अपने अंदर की आवाज़ सुन सकूँ,

जो अक्सर मेरी चुप्पी में दब जाती है,

उस अनकहे दर्द और अनसुलझे सवालों को समझ सकूँ,

और अपने भीतर की शक्ति को पहचाने की हिम्मत कर सकूँ।  


काश, कि मैं अपने दिल की बात बिना झिझक कह सकूँ,

अपने भावों को खुले दिल से व्यक्त कर सकूँ,

सहानुभूति और प्रेम का प्रकाश फैलाकर,

दूसरों के जीवन में भी उजाला कर सकूँ।  


काश, कि मेरी इच्छाएँ हकीकत बन जाएँ और मेरे सपने सच में रंग लाएँ,

मैं अपने जीवन के हर पल को पूरी खुशियों से भर सकूँ,

साहस और विश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाऊँ,

और अपने जीवन को एक सुंदर कविता की तरह संजो सकूँ।  


काश, कि मैं अपने आप से प्यार कर सकूँ,

अपनी कमियों और खूबियों दोनों को अपनाऊँ,

और हर परिस्थिति में अपने मन की बात सुनते हुए,

एक नई शुरुआत का साहस कर सकूँ।  


काश, कि जीवन की इस यात्रा में मैं अपने आप से सच्चा रहूँ,

और हर अनुभव से कुछ सीख सकूँ,

अंधकार से निकलकर प्रकाश की ओर बढ़ सकूँ,

और अपने स्वप्नों को साकार करने का अवसर पा सकूँ।

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