आत्मा का आईना

 

सच्चा साथी है वो आईना,

चमक, छाया और जीवन का किनारा।

हमारे भीतर का सच्चा प्रकाश।


तुम मेरे लिए वो दर्पण हो,

जिसमें मैं अपने आप को देख पाता हूँ।

कभी-कभी अपनी कमजोरियाँ देखकर डर जाता हूँ,

तो कभी अपनी ताकत को देख मुस्कुराता हूँ।


तुम वो तूफ़ान हो,

जो मेरे मन की उलझनों को सुलझा देता है।

तुम वो तूफ़ान हो,

जो मेरे मन में छिपे अँधेरे को मिटा देता है।


तुम मेरे लिए वो किताब हो,

जिसके हर पन्ने पर एक नया अध्याय है।

हर अध्याय में एक नई सीख,

एक नई कहानी है।


तुम वो संगीत हो,

जो मेरे मन को शांत कर देता है।

तुम वो संगीत हो,

जो मेरे दिल को सुकून देता है।


तुम मेरे लिए वो राह हो,

जो मुझे मेरी मंजिल तक ले जाती है।

तुम वो राह हो,

जो मुझे जीवन जीने का सही तरीका बताती है।


तुम मेरे लिए वो दोस्त हो,

जो हर सुख-दुःख में मेरे साथ रहता है।

तुम मेरे लिए वो दोस्त हो,

जो मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ता है।

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