आशा का इंद्रधनुष
आँसुओं से भरे बादलों के रोने के बाद,
आकाश में एक जादू धीरे से खिलता है।
सूरज की हल्की किरण और बारिश के साथ,
एक इंद्रधनुष बनता है, एक छोटा सा गीत।
उसके रंग फूटते हैं, खुशी की एक आर्क बनकर,
गहरे लाल से लेकर बैंगनी तक।
हर रंग एक फुसफुसाहट है, जो प्रकाश का गीत गाती है।
यह स्वर्ग और धरती के बीच एक पुल की तरह है,
एक रश्मिराजी जो सपनों की तरह धीरे से बहता है।
हर रंग के साथ एक नई कहानी खुलती है—
उम्मीदों के फिर से जन्म लेने की, और दिल के मज़बूत होने की।
जब तूफ़ान चले जाते हैं,
और सूरज बादलों से झाँकता है,
तो ऊपर देखो और उस इंद्रधनुष को पाओ—
जो प्रकृति का एक निडर आश्चर्य है।
यह एक वादा है जो बिना किसी शर्त के दिया गया है,
जिसकी रोशनी हर इंसान के भीतर शुरू होती है।
यह एक सच्चाई है जिसे रंग मोड़ते हैं—
यह स्वर्ग का एक क्षणिक उपहार है।
आकाश के सात रंग,
हमारे भीतर की आत्मा को दर्शाते हैं।
हर रंग जीवन के सुख और दुख का हिस्सा है।
क्योंकि मेरे जीवन में भी वो रंग चमकते हैं—
वे मेरे रास्ते बनाते हैं, मेरे सपनों को बुनते हैं।
कभी वे ऊपर उठते हैं, कभी वे फीके पड़ जाते हैं,
जैसे जंगल में बदलती हुई रोशनी।
मुझमें उन रंगों का स्वभाव,
एक ऐसी सच्चाई है जो जंगली और आज़ाद है।
फिर भी हर जीवन में एक शांत सुंदरता होती है—
यह आशा कि बारिश एक दिन रुक जाएगी।
कि तूफ़ान गुज़र जाएँगे, आकाश साफ हो जाएगा,
और वसंत का इंद्रधनुष फिर से खिलेगा।

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